अनुभाव
विचार एवं अभिव्यक्ति
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नदिया के पार-4
Thursday, May 19, 2011
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" न्यूज़ चैनल वालों को दीवार में चुनवा देना चाहिए "
बात अभी अभी की है । एक न्यूज़ चैनल पर अभी खबर आई की दंतेवाडा में नक्सलियों ने CRPF के 55 जवान मार दिए हैं । फिर इस खबर पर विश्लेषण शुरू हुआ ।...
ट्रेन रिज़र्वेशन का झमेला
कुछ दिन पहले की बात है मुझे रिज़र्वेशन कराने का सौभाग्य (?) प्राप्त हुआ । मैं रायबरेली से दिल्ली का रिज़र्वेशन करा रहा था । ट्रेन थी पद्मावत...
स्वतंत्रता मुफ्त में नही मिलती........................
अभी जल्दी ही मैंने एक किताब पढ़नी शुरू की । किताब का नाम है " Freedom is not Free " इसके लेखक प्रख्यात वक्ता और शिक्षाविद '...
" मैं मुसाफिर हूँ, मुझे राह नहीं मंजिल से मतलब है "
मैं जिंदगी के सूखे खडंजों पर, अकेला चला जा रहा था...आहिस्ता आहिस्ता, दूर कहीं एक पेड़ दिखा, जो मुरझाया सा लगा, मैं उस...
रुकी हवा का सबब
रुकी हुयी हवा से हमने पूछा, तुम क्यूँ रुक गयी ? हवा थोड़ा सा शरमाई और फिर चहक कर बोली-सूखे पत्तों और रेत का इंतज़ार कर रही हूँ, उन्हें भी स...
ये साला पानी काहे नहीं बरस रहा बे ????
........................ हमारा तो दिमाग भन्नायरहा है । ये साला पानी काहे नहीं बरस रहा है । या कौन सा नवा नाटक अहै??? सब जने कहत रहें कि 15 ...
भारतीय सेना : देश का गौरव
पिछले एक हफ्ते में कुछ ऐसी बातें हुयीं जिनके कारण मैं ये लेख लिख रहा हूँ । मैं उन बातों का उल्लेख नहीं करूँगा , पर य...
अन्दाजा़
कभी तन्हाई से मिलकर देखना, वायदा तो नहीं, अंदाजा है मेरा, आईने की कमी महसूस ना होगी....
सुलगते रहना है...
" जल के खाक़ हो जाना, मुझे मंज़ूर नहीं, मुझे तो- सुलगते रहना है... "
"कुछ वैचारिक प्रतिरोध"
क्या लिखूं यार ? कुछ वैचारिक प्रतिरोध सा महसूस हो रहा है आजकल । लेकिन ये प्रतिरोध केवल लिखने के वक़्त ही महसूस होता है । दिनभर चाहे जितनी बक...
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"कुछ वैचारिक प्रतिरोध"
नदिया के पार-7
नदिया के पार-6
नदिया के पार-5
नदिया के पार-4
नदिया के पार-3
नदिया के पार-2
नदिया के पार-1
"इस देश में जनता जिसे चाहती है उसे गद्दी सौंपती है"
अब क्या कहा जाये ?
" ढाक के तीन पात "
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